मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच ईरान से एक बेहद दर्दनाक तस्वीर सामने आई, जब सड़कों पर एक साथ 165 स्कूली छात्राओं के जनाज़े निकाले गए और उन्हें नम आंखों से सुपुर्द-ए-खाक किया गया। ये मासूम बच्चियां उस जंग का शिकार बन गईं, जिसने उनकी ज़िंदगी समय से पहले ही छीन ली। सामने आई तस्वीरों ने दुनिया भर के लोगों को झकझोर कर रख दिया है।
 |
| Social Media Photo |
मिडिल ईस्ट में जारी भीषण संघर्ष के बीच ईरान से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि होर्मोज़गान प्रांत के मिनाब शहर में स्थित एक स्कूल पर हुए हमले ने पूरे देश को शोक में डुबो दिया। क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव, जिसमें अमेरिका और इजरायल के साथ टकराव की खबरें भी शामिल हैं, के बीच यह घटना सामने आई।
रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हमले में 165 निर्दोष स्कूली छात्राओं की जान चली गई। आज इन मासूम बच्चियों का सामूहिक जनाज़ा निकाला गया, जहां बड़ी संख्या में लोग नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे। इस घटना ने पूरे इलाके में ग़म और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है।
हमले की पूरी जानकारी
ईरान के दक्षिणी प्रांत होर्मोज़गान के मिनाब शहर में 28 फरवरी को एक स्कूल पर भीषण हमला हुआ, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। हमले में स्कूल भवन का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाके के बाद राहत और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे। कई घंटों तक मलबा हटाने का काम चलता रहा। जैसे-जैसे मलबे से बच्चों के शव निकाले गए, माहौल और भी ग़मगीन होता चला गया।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस हमले में कुल 165 छात्राओं की जान गई है। बताया जा रहा है कि इनमें से अधिकांश प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ने वाली छोटी बच्चियां थीं। इस दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है।
शोक में डूबा मिनाब
मिनाब में आज माहौल बेहद ग़मगीन रहा, जब हमले में जान गंवाने वाली छात्राओं को अंतिम विदाई दी गई। उनके शवों को कतारबद्ध रखा गया, जहां बड़ी संख्या में लोग नम आंखों के साथ श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
जनाज़े की नमाज़ के लिए हजारों लोग शहर के मुख्य मैदानों और मस्जिदों में एकत्र हुए। ताबूतों की लंबी कतारें इस त्रासदी की गहराई को बयां कर रही थीं। सफेद कफन में लिपटे नन्हे ताबूतों को देखकर हर शख्स भावुक हो उठा।
शोक के प्रतीक के तौर पर शहर के बाज़ार बंद रहे। स्थानीय लोगों ने काली पट्टियां बांधकर अपना दुख और विरोध व्यक्त किया। आसपास के इलाकों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर इन मासूम बच्चियों को अंतिम विदाई देने में शामिल हुए।
Social Plugin